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Shri Narasimha Saraswati Ashtakam lyrics | श्री नृसिंहसरस्वती अष्टकम् | Indukoti Stotra |

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  श्री नृसिंह सरस्वती स्वामी महाराज अष्टक स्तोत्र     इंदु कोटि तेजकीर्ण सिंधुभक्त वत्सल म् । नंदनासुनंदनेंदु इंदिराक्ष श्री गुरुम्।   गंध माल्य अक्षतादि वंद देव वंदित म् । वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहिमाम् ॥१॥   मोह पाश अंध:कार छायादूर भास्कर म् ।      आयताक्ष पाहि श्रीयावल्ल्भेश नायक म् ।   सेव्य भक्त वृंदवरद भूयो भूयो नमाम्यह म् ।   वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहिमाम् ॥२॥     चित्तजादि वर्गषटक मत्तवारणां कुशम्।   तत्वसार शोभीतात्म दत्त श्रीयावल्लभम्।   उत्तमावतार भूत कर्तृ भक्त वत्सलम्।   वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहिमाम्॥३॥   व्योम वायु तेज आप भूमी कर्तुमीश्वर म् ।   काम क्रोध मोह रहित सोम सूर्य लोचन म् ।   कामितार्थ दांतभक्त कामधेनू श्री गुरु म् ।   वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहिमा म् ॥४॥   पुंडरीक आयताक्ष कुंड्लेंदु तेजस म् ।   चंडदुरीत खंडनार्थ दंडधारी श्री गुरु म् ।   मंडलीक मौलीमार्तंड भासितानंन म् ।   वन्दयामि नारसिंह सरस्वतीश पाहिमा म् ॥।५॥ ...

Hai ye katha ramayan ki lyrics | Short Ramayan Song in hindi |

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Hai ye katha ramayan ki: English lyrics Hai ye katha ramayan ki Seeta Ram aur Lakshman ki Dashrath ji ke bete Ram Karte hai sab jinhe pranam   Unko jab banvas hua Mann Seeta ka uddas hua Seeta ke raksha ke liya Kheechi rekha lakshman ne Bole unse chodd ke dwar Jana mat rekha ke par Ghar mein nahi the Lakshman jab Banke sadhu aya Ravan Seeta se bhiksha mangi Seeta ne rekha langhi Phir bhiksha lekar Ravan Seeta ko le gaya kar ke haran       Ram aur Lakshman jab ghar aye Seeta se ghar khali paye Sunke baat Jatayu ki Nikle khoj mein Seeta ki Sath mein lekar Lakshman ko Dhundne nikle Ravan ko Raste mein Hanuman mile Aur Sugriv bhi aan mile Sab milkar ek sath hue Vanar sena leke chale   Samne bada samundar tha  Setu banaya patthar ka Kar ke par mahasagar Kardi chadhai Lanka par Ram ne anta mein yudha jita Mil gayi unhe apni Seeta Laut ke aye apni nagar Phir kiya rajya Ayodhya par Ram ki huyi phir jai jaikar Saj gaya unka rajdarbar   Shri Ram Jai Ram Jai Jai ...

भीमरूपी महारुद्रा | मारुती स्तोत्र | Lyrics

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  भीमरूपी महारुद्रा, वज्रहनुमान मारुती |  वनारी अंजनीसूता रामदूता प्रभंजना ||१|| महाबळी प्राणदाता, सकळां उठवी बळें |  सौख्यकारी दुःखहारी, दुत वैष्णव गायका ||२|| दीननाथा हरीरूपा, सुंदरा जगदांतरा|  पातालदेवताहंता, भव्यसिंदूरलेपना ||३|| लोकनाथा जगन्नाथा, प्राणनाथा पुरातना |  पुण्यवंता पुण्यशीळा, पावना परितोषका ||४|| ध्वजांगे उचली बाहो, आवेशें लोटला पुढें |  काळाग्नी काळरुद्राग्नी, देखतां कांपती भयें ||५|| ब्रह्मांडे माईली नेणों, आंवळे दंतपंगती |  नेत्राग्नी चालिल्या ज्वाळा, भ्रुकुटी ताठिल्या बळें ||६|| पुच्छ ते मुरडीले माथा, किरीटी कुंडले बरीं |  सुवर्ण कटी कांसोटी, घंटा किंकिणी नागरा ||७|| ठकारे पर्वता ऐसा, नेटका सडपातळू | चपळांग पाहतां मोठे, महाविद्युल्लतेपरी ||८|| कोटिच्या कोटि उड्डाणें, झेपावे उत्तरेकडे |  मंद्राद्रीसारिखा द्रोणू, क्रोधें उत्पाटिला बळें ||९|| आणिला मागुतीं नेला, आला गेला मनोगती |  मनासी टाकिलें मागें, गतीसी तुळणा नसे ||१०|| अणुपासोनी ब्रह्मांडाएवढा होत जातसे |  तयासी तुळणा कोठे, मेरु मंदार धाकुटे ||११|| ब्रह्मांडाभ...

|| श्री व्यंकटेशस्तवन || Venkatesh he naam changle lyrics in marathi |

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व्यंकटेश हे नाम चांगले | म्हणुनि आवडी चित्त रंगले | ध्यान मानसीं लागली स्तुती |   पाव सत्त्वरे लक्ष्मीपती || १ ||   व्यंकटेश हे स्वामी राजसा | पावसि मला हाचि भरंवसा | क्षणाक्षणा तुझी मां डि ली स्तुती | पाव सत्त्वरे लक्ष्मीपती || २ ||   व्यंकटेश हे कुळदैवता | तूंचि मा ऊ ली सद्गुरु पिता | इष्ट मित्र तूं धनाढ्य संपत्ती | पाव सत्त्वरे लक्ष्मीपती || ३ ||   व्यंकटेश रे तूजवेगळें | दीन शीणतो दाविं पा ऊ लें | विश्वचालका भाकितों किती | पाव सत्त्वरे लक्ष्मीपती || ४ ||   कमलजापती कमललोचना |   नाभिकमलही भक्तदर्शना | भक्तवत्सल ा ब्रीद साधती | पाव सत्त्वरे लक्ष्मीपती || ५ ||         दुष्ट दुर्मती दैत्य मारिले | अपार संकटी भक्त तारिले | आजि कां तरी सांड ि ली रिती | पाव सत्त्वरे लक्ष्मीपती || ६ ||   ह्रुदय फूटला कंठ दाटला | म्हणुनि लोचनीं पूर लोटला | अजुनि अंत गा पाहशी किती | पाव सत्त्वरे लक्ष्मीपती || ७ ||   साधना तरी काय मी करूं | भक्ति कोणती सांग आचरूं | तीर्थही बहू हिंडलों क्षितीं | पाव सत्त्व...

शांत हो श्रीगुरुदत्ता | Shant ho shri gurudatta lyrics | Karunatripadi Part 1 |

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    Youtube link:  https://youtu.be/L1_jPaXduis     शांत हो श्रीगुरुदत्ता। मम चित्ता शमवी आतां।। तूं केवळ माता जनिता। सर्वथा तूं हितकर्ता।। तूं आप्तस्वजन भ्राता। सर्वथा तूचि त्राता।। भयकर्ता तूं भयहर्ता। दंडधर्ता तूं परिपाता। तुजवाचुनि न दुजी वार्ता। तूं आता आश्रय दत्ता।। शांत हो श्रीगुरुदत्ता ।।१।। अपराधास्तव गुरुनाथा। जरि दंडा धरिसी यथार्था।। तरि आम्ही गाउनि गाथा। तव चरणीं नमवूं माथा।।  तूं तथापि दंडिसी देवा। कोणाचा मग करूं धावा? सोडविता दुसरा तेव्हां। कोण दत्ता आम्हां त्राता? शांत हो श्रीगुरुदत्ता ।।२।। तूं नटसा होउनि कोपी। दंडितांहि आम्ही पापी। पुनरपिही चुकत तथापि। आम्हांवरि नच संतापी।। गच्छतः स्खलनं क्वापि। असें मानुनि नच हो कोपी। निजकृपालेशा ओपी। आम्हांवरि तूं भगवंता।। शांत हो श्रीगुरुदत्ता ।।३।। तव पदरीं असता त्राता। आडमार्गीं पाऊल पडतां। सांभाळुनि मार्गावरता। आणिता न दूजा त्राता। निजबिरुदा आणुनि चित्ता। तूं पतीतपावन दत्ता। वळे आतां आम्हांवरता। करुणाघन तूं गुरुनाथा।। शांत हो श्रीगुरुदत्ता ।।४।। सहकुटुंब सहपरिवार। दास आम्ही हें घरदार। तव पदी अर्पुं अस...

श्रीगुरुदत्ता जयभगवंता।Shri Gurudatta Jai Bhagawanta lyrics | Karunatripadi Part 2 |

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  Youtube link :  https://www.youtube.com/watch?v=1aY36NzKymc श्रीगुरुदत्ता जय भगवंता। तें मन निष्ठुर न करी आता।। चोरें द्विजासी मारीतां मन जें। कळवळलें तें कळवळो आतां।। श्रीगुरुदत्ता।।१।। पोटशूळानें द्विज तडफडतां। कळवळलें तें कळवळो आतां।। श्रीगुरुदत्ता।।२।। द्विजसुत मरता वळलें तें मन। हो कीं उदासीन न वळे आतां।। श्रीगुरुदत्ता।।३।। सतिपति मरता काकुळती येतां। वळलें तें मन न वळे कीं आतां।। श्रीगुरुदत्ता।।४।। श्रीगुरुदत्ता त्यजि निष्ठुरता। कोमल चित्ता वळवी आतां।। श्रीगुरुदत्ता।।५।। #Karunatripadi

खंडोबाची आरती | Khandobachi Aarti |

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  जेजुरगडपर्वत शिवलिंगाकार । मृत्युलोकी दुसरे कैलास शिखर ॥ नानापरिची रचना रचिली अपार । तये स्थळी नांदे स्वामी शंकर ॥ जय देव जय देव शिवमार्तंडा । हो स्वामी मार्तंडा । अरिमर्दन मल्लारी तूंची प्रचंडा जय देव जय देव ॥ मणिमल्ल दैत्य प्रबळ तो झाला । त्रिभुवनी त्याने प्रलय मांडिला ॥ ना टोपे कोणास वरदे मातला । देवगण गंधर्व कांपती त्याला ॥ जय देव जय देव शिवमार्तंडा । हो स्वामी मार्तंडा । अरिमर्दन मल्लारी तूंची प्रचंडा जय देव जय देव॥ चंपाषष्ठी दिवशी अवतार धरिसी । मणिमल्ल दैत्यांचा संहार करिसी॥ चरणी पृष्ठी खंङ्‌गें वर्मी स्थापीसी । अंती वर देउनि त्या मुक्तीते देशी ॥ जय देव जय देव शिवमार्तंडा । हो स्वामी मार्तंडा । अरिमर्दन मल्लारी तूंची प्रचंडा जय देव जय देव॥ मणिमल्ल दैत्य मर्दुनी मल्लारी । देवा संकट पडतां राहे जेजुरी ॥ अर्धांगी म्हाळसा शोभे सुंदरी । देवा ठाव मागे दास नरहरि ॥ जय देव जय देव शिवमार्तंडा । हो स्वामी मार्तंडा । अरिमर्दन मल्लारी तूंची प्रचंडा जय देव जय देव॥  Khandobachi Aarti Lyrics  Jejurgad Parvat Shivlingakar Mrutyu Loki Dusre Kailas Shikhar Nanaparichi Rachana Rachali...